पेट की बढ़ती चर्बी आज सिर्फ दिखने की समस्या नहीं रह गई है। डॉक्टरों के मुताबिक पेट के आसपास जमा चर्बी, खासकर अंदरूनी अंगों के आसपास की चर्बी (विसरल फैट), डायबिटीज़, हाई ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ाती है। अच्छी बात यह है कि रोज़ की कुछ आसान आदतें बदलकर इसे कम किया जा सकता है। इस लेख में जानिए पेट की चर्बी कम करने के 10 ऐसे तरीके, जिनके पीछे विज्ञान है, और वे गलतफहमियां भी, जिनमें लोग अक्सर फंस जाते हैं।
पहले जानिए: कितनी कमर है खतरे का संकेत?
भारतीयों और दक्षिण एशियाई लोगों में पेट के आसपास चर्बी जमा होने की प्रवृत्ति ज़्यादा होती है, इसलिए हमारे लिए कमर का पैमाना पश्चिमी देशों से कम रखा गया है। इंटरनेशनल डायबिटीज़ फेडरेशन के मानकों के अनुसार दक्षिण एशियाई लोगों के लिए:
- पुरुष: कमर 90 सेंटीमीटर (करीब 35.5 इंच) या उससे ज़्यादा
- महिलाएं: कमर 80 सेंटीमीटर (करीब 31.5 इंच) या उससे ज़्यादा
अगर आपकी कमर इससे ज़्यादा है, तो यह पेट के मोटापे का संकेत है और डॉक्टर से एक बार जांच करवाना अच्छा रहेगा।
कमर कैसे नापें: सीधे खड़े होकर, सांस सामान्य रूप से छोड़ते हुए, नाभि के आसपास के हिस्से पर इंच टेप लपेटें। टेप न ज़्यादा कसा हो, न ढीला।
पेट की चर्बी कम करने की 10 आसान आदतें
1. मीठे पेय पदार्थ बंद करें
कोल्ड ड्रिंक, पैकेट वाले जूस, मीठी चाय-कॉफी और एनर्जी ड्रिंक में बहुत ज़्यादा चीनी होती है। ये पेट भरे बिना ढेर सारी कैलोरी दे देते हैं। इनकी जगह पानी, छाछ, नींबू पानी (बिना चीनी) या नारियल पानी लें।
2. हर खाने में प्रोटीन शामिल करें
दाल, चना, राजमा, पनीर, दही, अंडा, मछली या चिकन जैसे प्रोटीन वाले खाने से पेट देर तक भरा रहता है और बार-बार भूख नहीं लगती। सुबह के नाश्ते में प्रोटीन लेने से दिनभर की क्रेविंग कम होती है।
3. फाइबर बढ़ाएं
सब्जियां, सलाद, फल, साबुत अनाज, ओट्स और दालें फाइबर से भरपूर होती हैं। फाइबर पाचन को बेहतर करता है और पेट भरा महसूस कराता है। कोशिश करें कि आधी थाली सब्ज़ियों से भरी हो।
4. मैदा और ज़्यादा तली चीज़ें कम करें
समोसा, पकौड़े, बिस्किट, नमकीन, सफेद ब्रेड और मैदे वाली चीज़ें रोज़ खाने से कैलोरी तेज़ी से बढ़ती है। इन्हें पूरी तरह छोड़ना ज़रूरी नहीं, लेकिन इन्हें रोज़ की जगह कभी-कभार की चीज़ बनाएं।
5. रोज़ तेज़ चलें
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और अमेरिका की स्वास्थ्य एजेंसी CDC के अनुसार वयस्कों को हफ्ते में कम से कम 150 मिनट मध्यम एक्सरसाइज़ करनी चाहिए, यानी हफ्ते में 5 दिन, रोज़ 30 मिनट तेज़ चलना। तेज़ चलना सबसे आसान शुरुआत है। (पढ़ें: पैदल चलने से वजन और पेट की चर्बी कैसे घटती है)
6. हफ्ते में 2 दिन मांसपेशियों की एक्सरसाइज़
स्क्वैट्स, पुश-अप्स, प्लैंक, हल्के वज़न या रेज़िस्टेंस बैंड वाली एक्सरसाइज़ हफ्ते में कम से कम 2 दिन करें। मांसपेशियां बढ़ने से शरीर आराम की हालत में भी ज़्यादा कैलोरी खर्च करता है।
7. 7 से 8 घंटे की नींद लें
कम नींद लेने से भूख बढ़ाने वाले हार्मोन बढ़ जाते हैं और मीठा या तला खाने का मन ज़्यादा करता है। रोज़ एक ही समय पर सोने और उठने की आदत डालें, और सोने से पहले मोबाइल कम चलाएं।
8. तनाव को कंट्रोल करें
लगातार तनाव रहने से शरीर में कॉर्टिसोल नाम का हार्मोन बढ़ता है, जो पेट के आसपास चर्बी जमा होने से जुड़ा माना जाता है। रोज़ 10 मिनट गहरी सांस, योग, ध्यान या टहलना तनाव कम करने में मदद करता है।
9. शराब से दूरी बनाएं
शराब में खाली कैलोरी होती है और इसके साथ लोग अक्सर तला-भुना खाना भी ज़्यादा खाते हैं। “बीयर बेली” यूं ही नहीं कहा जाता।
10. धीरे-धीरे और ध्यान से खाएं
टीवी या मोबाइल देखते हुए खाने से हम ज़रूरत से ज़्यादा खा लेते हैं। धीरे-धीरे चबाकर खाएं और पेट 80% भरने पर रुक जाएं। रात का खाना सोने से 2 से 3 घंटे पहले कर लें।
इन गलतफहमियों से बचें
- “सिर्फ पेट की एक्सरसाइज़ से पेट कम होगा”: क्रंचेस और सिट-अप्स से पेट की मांसपेशियां मज़बूत होती हैं, लेकिन सिर्फ एक जगह की चर्बी कम नहीं होती। चर्बी पूरे शरीर से धीरे-धीरे घटती है।
- “कोई जादुई ड्रिंक पेट कम कर देगा”: गर्म पानी, नींबू-शहद या कोई खास चाय अपने आप चर्बी नहीं जलाती। ये पानी की कमी पूरी करने में मदद कर सकते हैं, लेकिन असली फर्क खाने और एक्सरसाइज़ से पड़ता है।
- “भूखे रहकर जल्दी पेट कम होगा”: बहुत कम खाने से कमजोरी आती है, मांसपेशियां घटती हैं और बाद में वजन तेज़ी से वापस आता है।
- “पतले लोगों के पेट में चर्बी नहीं होती”: सामान्य वजन वाले लोगों के पेट के अंदर भी चर्बी हो सकती है, इसलिए वजन के साथ कमर का नाप भी देखें।
कितने समय में दिखेगा फर्क?
हर व्यक्ति का शरीर अलग होता है, लेकिन ज़्यादातर विशेषज्ञ हफ्ते में आधा से एक किलो वजन घटाने को सुरक्षित मानते हैं। अगर आप ऊपर दी गई आदतें लगातार अपनाते हैं, तो 4 से 8 हफ्तों में कमर के नाप में फर्क दिखने लगता है। जल्दबाज़ी की बजाय आदतों पर टिके रहना ज़्यादा ज़रूरी है। (यह भी पढ़ें: क्या एक महीने में 20 पाउंड वजन घटाना संभव है? और फैट लॉस और वेट लॉस में क्या फर्क है)
कब डॉक्टर से मिलें?
अगर सही खान-पान और एक्सरसाइज़ के बावजूद पेट कम नहीं हो रहा, या साथ में ये लक्षण हैं, तो डॉक्टर से ज़रूर मिलें:
- बहुत ज़्यादा थकान, बार-बार प्यास या पेशाब लगना
- महिलाओं में अनियमित पीरियड्स (यह PCOS का संकेत हो सकता है)
- अचानक और बिना कारण वजन बढ़ना
- पेट में सूजन या दर्द
थायरॉइड, PCOS या कुछ दवाओं के कारण भी पेट पर चर्बी बढ़ सकती है, जिसके लिए सही जांच और इलाज ज़रूरी है।
निष्कर्ष
पेट की चर्बी कम करने का कोई शॉर्टकट नहीं है, लेकिन यह मुश्किल भी नहीं है। मीठे पेय छोड़ना, प्रोटीन और फाइबर बढ़ाना, रोज़ तेज़ चलना, अच्छी नींद लेना और तनाव कम करना, यही पांच चीज़ें सबसे बड़ा फर्क लाती हैं। आज से इनमें से कोई दो आदतें शुरू करें, और हर दो हफ्ते में एक नई आदत जोड़ते जाएं।
(यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है, यह डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं है। कोई बीमारी हो, आप गर्भवती हों या कोई दवा ले रहे हों, तो डाइट या एक्सरसाइज़ बदलने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।)


